Stock Market Today: TCS के दम पर शेयर बाजार में तूफानी तेजी! सेंसेक्स 827 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद शानदार रहा। लगातार दूसरे दिन बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली और प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ ऊंचे स्तर पर बंद हुए। दिनभर निवेशकों का भरोसा मजबूत बना रहा, जिसका असर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर साफ दिखाई दिया। वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद मजबूत अंतरराष्ट्रीय संकेत, IT शेयरों में खरीदारी और टीसीएस के बेहतर तिमाही नतीजों ने बाजार को नई ऊर्जा दी। सेंसेक्स और निफ्टी की क्लोजिंग कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 827.09 अंक यानी 1.08 फीसदी की बढ़त के साथ 77,569.39 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50, 244.10 अंक यानी 1.02 फीसदी चढ़कर 24,206.90 के स्तर पर पहुंच गया। दोनों प्रमुख सूचकांक दिन के उच्च स्तर के करीब बंद हुए, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा अभी भी बाजार पर कायम है। शुरुआत से ही बाजार में दिखा जोश सुबह बाजार खुलते ही सकारात्मक माहौल देखने को मिला। एशियाई बाजारों की मजबूती और वॉल स्ट्रीट में पिछली रात आई तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 700 अंकों से अधिक उछल गया, जबकि निफ्टी ने आसानी से 24,170 का स्तर पार कर लिया। दिनभर अधिकांश सेक्टरों में खरीदारी का माहौल बना रहा। बीच में कुछ शेयरों में मुनाफावसूली जरूर देखने को मिली, लेकिन इसका असर बाजार की कुल तेजी पर नहीं पड़ा। कारोबार समाप्त होने तक दोनों सूचकांक मजबूत स्थिति में बने रहे और अपने दिन के उच्चतम स्तर के करीब बंद हुए। यह तेजी गुरुवार के मुकाबले काफी अलग रही। पिछले कारोबारी सत्र में एक्सपायरी के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव अधिक था और निफ्टी कुछ समय के लिए 24,000 के नीचे भी फिसल गया था। हालांकि शुक्रवार को निवेशकों ने पूरी तरह सकारात्मक रुख अपनाया। किन सेक्टरों ने दिखाई सबसे ज्यादा ताकत? इस कारोबारी सत्र की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली। सबसे अधिक तेजी निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में दर्ज की गई, जहां तीन प्रतिशत से अधिक की बढ़त रही। सरकारी बैंकों और रियल एस्टेट कंपनियों में निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी देखने को मिली। आईटी सेक्टर भी बाजार की तेजी का प्रमुख आधार बना। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब दो प्रतिशत मजबूत हुआ। इसकी सबसे बड़ी वजह देश की प्रमुख आईटी कंपनी टीसीएस के पहली तिमाही के उम्मीद से बेहतर वित्तीय नतीजे रहे। कंपनी की आय में पिछली तिमाही की तुलना में लगभग 3.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। बैंकिंग, मैन्युफैक्चरिंग, कम्युनिकेशन और हेल्थकेयर से जुड़े कारोबार में बेहतर प्रदर्शन ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। हालांकि, एफएमसीजी सेक्टर इस तेजी में पीछे रह गया और दिन के अंत में हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी शानदार खरीदारी केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स** करीब 1.4 प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में लगभग 1.55 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इससे साफ संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यापक बाजार में भी सकारात्मक माहौल बना रहा। इन शेयरों ने बनाई बाजार की रफ्तार निफ्टी 50 में सबसे अधिक तेजी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के शेयरों में देखने को मिली। वहीं सेंसेक्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक महिंद्रा दो प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ प्रमुख बढ़त वाले शेयर रहे। इनके अलावा अशोक लेलैंड, टाटा स्टील, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट और अडानी पोर्ट्स ने भी बाजार को मजबूत सहारा दिया। आखिर क्यों आई इतनी बड़ी तेजी? विश्लेषकों के अनुसार बाजार में तेजी के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण रहे। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जोखिम लेने की सकारात्मक धारणा, वैश्विक चिप कंपनियों के शेयरों में सुधार और आईटी सेक्टर में मजबूत खरीदारी ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन निवेशकों ने फिलहाल घरेलू अर्थव्यवस्था और कॉर्पोरेट नतीजों पर अधिक भरोसा दिखाया। संस्थागत निवेशकों के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 9 जुलाई को लगभग ₹532.86 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹2,057.79 करोड़ की शुद्ध खरीदारी कर बाजार को मजबूत समर्थन दिया। घरेलू निवेशकों की इस खरीदारी ने विदेशी बिकवाली के असर को काफी हद तक संतुलित कर दिया। आगे बाजार की नजर किन बातों पर रहेगी? अब बाजार की निगाहें वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजों पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में आईटी और बैंकिंग क्षेत्र की बड़ी कंपनियों के नतीजे और उनके प्रबंधन की भविष्य की रणनीति निवेशकों के लिए अहम संकेत देंगे। इसके अलावा अमेरिका-ईरान से जुड़ी भू-राजनीतिक गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक बाजारों का रुख भी अगले सप्ताह भारतीय बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पकाल में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती और लगातार घरेलू निवेश बाजार को सहारा देते रहेंगे। डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसे निवेश की सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी निवेश संबंधी निर्णय से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।